काले दिवस

चंडीगढ़ 26 जून, 2015:  देश के इतिहास का काला अध्याय माने जाने वाले आपात कालीन स्थिति में देश में लागू किए जाने के दिन 26 जून को देश भर में भारतीय जनता पार्टी ने ‘काले दिवसÓ के रूप में मनाया। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ ने ‘काला दिवसÓ सैक्टर 37 के पंजाब भाजपा कार्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष रघुबीर लाल अरोड़ा की अध्यक्षता में मनाया। जिसमें केन्द्रीय शहरी विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री वकैंय्या नायडू ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान जिन महानुभावों को जेल में रह कर यातनाओं का सामना करना पड़ा उनका सम्मान श्री नायडू द्वारा शाल भेंट करके किया। जिनमें श्रीमति पुष्पा गोयल पत्नि स्वं श्री श्रीचंद गोयल, सांसद, श्रीमति शांताहितअभिलाषी, मनोहर शर्मा, यशपाल महाजन, देसराज टंडन, पुरुषोत्तम महाजन, राजकुमार गोयल एवं ओम प्रकाश अहुजा शामिल हैं, जिन्होंने आपातकाल के विरोध में संर्घष करते हुए कई महीने जेल में बिताए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन के श्वसुर श्री एम.एम. पूंछी के निधन के पश्चात शांति पाठ हेतु शहर से बाहर होने के कारण वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

श्री वकैंय्या नायडू ने आपातकाल के बुरे दिनों को याद करते हुए बताया कि किसी तरह 25 जून, 1975 को तत्तकालिन प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने संविधान को नजरअंदाज कर पूर देश की आजादी को छीन लिया। जनता की आवाज को दबाने के लिए विपक्ष व संघ के सभी छोटे-बड़े नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। जिनमें अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण अडवानी, जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नाडिस के साथ हजारों जनसंघ व अन्य विपक्षी पार्टीयों के नेता शामिल थे। मीडिया की आजादी पर अंकुश लगाते हुए सभी समाचार पत्रों पर सेंसर बिठा दिया गया। कोई भी व्यक्ति अगर श्रीमति इंदिरा गांधी या सरकार के खिलाफ आवाज उठाता उसे तुरंत जेल में डाल दिया जाता। यह सब कार्य श्रीमति गांधी ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए इस तरह का तानाशाही रवैया अपनाया। वह दिन देश के इतिहास में लोकतंत्र की हत्या के तौर पर सदा याद किए जाते रहेंगे।

श्री नायडू आपातकाल के दौरान छात्रसंघ के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें जय प्रकाश नारायण मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम के पश्चात वकैंया नायडू पर लगतार नजर रखी जाने लगी और कुछ समय बाद उनको भी लगभग 16 महीने जेल में रखा गया।
श्री नायडू ने कहा कि आज की पीढ़ी को देश के संविधान व आपातकाल के उन काले दिनों के कड़वे अनुभवों से अवगत करवाना बेहद जरूरी है ताकि आज का हिंदुस्तान इतिहास से सीख ले व समझा सके कि ऐसी विनाशकाली प्रस्थिति देश में दौबारा न हो। उन्होंने कहा कि आपातकाल के ऊपर स्कूल में एक अध्याय होना चाहिए जिससे बच्चों को इस इतिहास की जानकारी मिले।

कार्यक्रम में महासचिव प्रेम कौशिक, कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रवक्ता गुरप्रित सिंह ढिल्लों, ए.पी. सांवरिया, धीरेन्द्र तायल, कैलाश चंद जैन, जिला अध्यक्ष बी.सी.पुरी, रविकांत शर्मा, देवी सिंह, शक्ति प्रकाश देवशाली, शिंगारा सिंह और प्रदेश पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष और कार्यकर्ता उपस्थित थे।