राष्ट्रपति डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के आकस्मिक निधन पर भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ द्वारा पार्टी कार्यालय कमलम में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन

चंडीगढ़ 28 जुलाई, 2015: विश्वविख्यात और हमारे देश को बुलंदियों तक पहुंचाने वाले राष्ट्रपति डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के आकस्मिक निधन पर भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ द्वारा पार्टी कार्यालय कमलम में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया जिसमें पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, संगठन मंत्री, अजय जमवाल और अन्य पदाधिकारियों और कार्यकत्र्ताओं ने दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपने श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह जानकारी जानकारी भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक रविन्द्र पठानिया ने दी। उन्होंने बताया कि उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। इस समारोह में गुरदासपुर के दीनानगर में शहीद हुए पंजाब पुलिस के एसपी बलजीत सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों के प्रति भी सभी लोगों ने श्रद्धांजलि सुमन अर्पित किए।


उपस्थित लोगों को प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने डा. कलाम के जीवन का वृत्तांत बताते हुए कहा कि डा. कलाम का स्वभाव सहज प्रवृति का था। वह इतने ऊंचे पद पर रहते हुए भी सदैव सादगी भरे अंदाज में रहते थे। उन्होंने हमारे देश के युवाओं में सदा सदा एक आशा की किरण देखी और हमेशा एक अध्यापक की भांति युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे। उनके चेहरे पर मायूसी कभी नहीं झलकती थी और उन्होंने समूचे देशवासियों और अन्य देशों के लोगों के भीतर एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने स्वदेशी तकनीकी द्वारा मिसाईलों को बनाकर हमारे देश को अग्रणी श्रेणी मेें लाकर खड़ा किया।

प्रदेशाध्यक्ष ने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया  कि वर्ष 2006 में उन्होंने एक किताब लिखी थी जिसको वह राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को भेंट करना चाहते थे परंतु कुछ माह बाद उन्होंने अवगत कराया गया कि राष्टपति डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम उनसे चंडीगढ़ में मिलना चाहते हैं। वह इस बात से डा. कलाम से और अधिक प्रभावित हुए कि इतनी बड़ी हस्ती ने स्वयं यह तय किया कि उनसे मिलने वालों को दिल्ली की बजाए उनके क्षेत्रों में ही जाकर मिला जाए तो बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि डा. अब्दुल कलाम आज हमारे बीच नहीं रहें इस बात का हम सभी को दुख है परंतु उनके द्वारा देश के लिए किए गए कार्यों को युगों युगों तक स्मरण किया जाएगा और देश का युबा उनसे प्रेरणा पाकर अपने जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति करेगा और वर्ष 2020 का डा. कलाम का स्वपन पूरा करेगा।